Posted By kumard
ब्रेकिंग – अभी अभी : आसाराम पर आया बड़ा फैसला, अब शायद ज़िन्दगी भर…

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की द्वारा कथित तौर पर आसाराम बापू पर जोधपुर के बाहरी इलाके में स्थित अपने आश्रम में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए गए थे। नाबालिग लड़की के यौन शोषण मामले में जोधपुर की कोर्ट में केस चल रहा है।

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आइए नज़र डालते हैं कि इस मामले में आखिर कब क्या हुआ?

15 अगस्त 2013- साल 2013 में शाहजहांपुर की 16 साल की लड़की ने आसाराम पर उनके जोधपुर आश्रम में बलात्कार करने का आरोप लगाया

19 अगस्त 2013- पीड़िता और उसके माता-पिता ने नई दिल्ली के कमला नगर पुलिस थाने में आसाराम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।उसी रात 1 बजकर 5 मिनट पर पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया। और 2 बजकर 45 मिनट पर मुकदमा दर्ज किया।

20 अगस्त 2013- धारा 164 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज कराए गए। दिल्ली के कमला नगर थाने में दर्ज जीरो एफआईआर को जोधपुर भेजा गया।

21 अगस्त 2013- जोधपुर पुलिस ने शाम सवा 6 बजे मामला दर्ज किया। आसाराम के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 342, 376, 354 (ए), 506, 509 व 134 के तहत मामला दर्ज किया गया।

23 अगस्त 2013- आसाराम के समर्थकों ने दिल्ली के कमला मार्केट थाने पर हमला कर दिया।

31 अगस्त 2013- मामला दर्ज करने बाद जोधपुर पुलिस की एक टीम ने मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से आसाराम को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और जेजेए की धारा 23 व 26 के तहत मामला दर्ज किया गया।

6 नवम्बर 2013- पुलिस ने आसाराम के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया।

29 नवम्बर को इस मामले पर कोर्ट ने संज्ञान लिया।

7 फरवरी 2014- जोधपुर की अदालत ने आसाराम के खिलाफ बलात्कार, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य अपराधों के लिए आरोप तय किए।

13 फरवरी 2014- कोर्ट ने इस मामले में मुख्य आरोपी आसाराम और सहआरोपी शिल्पी, शरद, प्रकाश के खिलाफ आरोप तय किए।

19 मार्च 2014 से 6 अगस्त 2016- इस अवधि के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपनी तरफ से 44 गवाहों की गवाही कराई और साथ ही कोर्ट में 160 दस्तावेज पेश किए गए।

4 अक्टूबर 2016- कोर्ट में आसाराम के बयान दर्ज किए गए।

22 नवम्बर 2016 से 11 अक्टूबर 2017- इस अवधि में बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष 31 गवाहों के बयान दर्ज कराए और साथ ही 225 दस्तावेज प्रस्तुत किए।

7 अप्रैल 2018– इस मामले में विशेष एससी-एसटी कोर्ट में बहस पूरी हो गई।

25 अप्रैल 2018– कोर्ट ने पूरे मामले पर सुनवाई करने के बाद फैसले के लिए 25 अप्रैल तय कर दी।

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जानिए क्या फैसला आया है 

जोधपुर सेंट्रल जेल में बनी एससी/एसटी विशेष अदालत ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में आसाराम को दोषी करार दिया गया। जोधपुर सेंट्रल जेल के अंदर बनी विशेष कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने अपना अहम फैसला सुनाया।राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक निचली अदालत इस सिलसिले में जोधपुर केंद्रीय कारागार परिसर में अपना फैसला सुनाएगी। कानून और व्यवस्था के लिए आसाराम के समर्थकों को खतरा मानते हुए पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। कारों, बसों को रोककर यात्रियों की तलाशी ली जा रही है और पहचान पत्र देखे जा रहे हैं। ट्रेन यात्रियों पर आरपीएफ की मदद से खास नजर रखी जा रही है

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पुलिस ने आसाराम और उसके 4 सेवादारों के ख़िलाफ़ नवंबर 2013 में चार्जशीट दाख़िल की थी। इस केस में कुल 58 गवाह हैं। आसाराम के ख़िलाफ़ जिन धाराओं में केस दर्ज है, उसमें “उम्रक़ैद तक की सज़ा” हो सकती है।